Saturday, May 30, 2009

कॉमन चाहत


Wednesday, May 27, 2009

बोक्सिंग


Saturday, May 16, 2009

एक पल

चुनावी बाज़ार निबट चुका है , राजनीती का खेल फ़िर शुरू हो जाएगा हम कार्टूनिस्ट कितना भी उघाडें नेता कोई न कोई चोला पहन कर फ़िर मैदान में आ ही जाते हैं
भारत की जनता के आगे मजबूरी है उसे किसी न किसी को चुनना ही पड़ता है
फ़िर हम भारतीय लोग बोर भी जरा देर में होते हैं परिवेर्तन और क्रांति से हमें
डर लगता है हमें अनजाने देवदूत से जाना पहचाना शैतान ज्यादा ठीक लगता है

आज का सच १६/०५/०९


Wednesday, May 13, 2009

Tuesday, May 5, 2009

Saturday, May 2, 2009



Friday, May 1, 2009